Daily Archives: June 17, 2016

Naye Kabi Ka Dukh – Kedarnath Singh

दुख हूँ मैं एक नये हिन्दी कवि काबाँधो मुझे बाँधो पर कहाँ बाँधोगे किस लय, किस छन्द में? ये छोटे छोटे घर ये बौने दरवाजे ताले ये इतने पुराने और साँकल इतनी जर्जर आसमान इतना जरा सा और हवा इतनी … Continue reading

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Mukti – Kedarnath Singh

मुक्ति का जब कोई रास्ता नहीं मिलामैं लिखने बैठ गया हूँ मैं लिखना चाहता हूँ ‘पेड़’ यह जानते हुए कि लिखना पेड़ हो जाना है मैं लिखना चाहता हूँ ‘पानी’ ‘आदमी’ ‘आदमी’ – मैं लिखना चाहता हूँ एक बच्चे का … Continue reading

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